श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 265
 
 
श्लोक  2.8.265 
পাষণ্ডী পাষণ্ডী যেই দুই দেখা হয
গলাগলি করিঽ সব হাসিযা পডয
पाषण्डी पाषण्डी येइ दुइ देखा हय
गलागलि करिऽ सब हासिया पडय
 
 
अनुवाद
जैसे ही दो नास्तिक आपस में मिले, वे गले लग गए और जोर-जोर से हंसते हुए जमीन पर गिर पड़े।
 
As soon as the two atheists met, they embraced and fell to the ground laughing hysterically.
तात्पर्य
जैसे ही भक्ति-विरोधी दो नास्तिक मिले, तो वे भक्तों की गतिविधियों पर इतनी ज़ोर से हंसे कि वे ज़मीन पर गिर पड़े।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)