श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 260
 
 
श्लोक  2.8.260 
“ও কীর্তন না দেখিলে কি হৈবে মন্দ?
শত শত বেডিঽ যেন করে মহা-দ্বন্দ্ব
“ओ कीर्तन ना देखिले कि हैबे मन्द?
शत शत वेडिऽ येन करे महा-द्वन्द्व
 
 
अनुवाद
"अगर हम उनका कीर्तन न देखें तो क्या नुकसान है? उनका कीर्तन सैकड़ों लोगों के बीच एक बड़े विवाद की तरह है।"
 
"What's the harm if we don't see his kirtan? His kirtan is like a big debate between hundreds of people."
तात्पर्य
"अगर हम उनके कीर्तन में भाग नहीं लेंगे तो इसमें क्या समस्या है? उनका कीर्तन सैंकड़ों लोगों के बीच एक बड़ी बहस की तरह ही होता है"।

द्वंद्व का अर्थ है "विवाद", "झगड़ा" या "लड़ाई"।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)