श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.8.26 
প্রভুর বাডীতে ক্ষণেক যাযেন ধাইযা
বড স্নেহ করে আই তাহানে দেখিযা
प्रभुर बाडीते क्षणेक यायेन धाइया
बड स्नेह करे आइ ताहाने देखिया
 
 
अनुवाद
कभी-कभी वे भगवान के घर चले जाते थे, जहाँ माता शची उन पर स्नेह बरसाती थीं।
 
Sometimes he would go to the Lord's house, where Mother Sachi showered affection on him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)