श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.8.25 
বালক-সবার সঙ্গে ক্ষণে ক্রীডা করে
ক্ষণে যায গঙ্গাদাস-মুরারির ঘরে
बालक-सबार सङ्गे क्षणे क्रीडा करे
क्षणे याय गङ्गादास-मुरारिर घरे
 
 
अनुवाद
कभी वे बालकों के साथ खेलते थे, तो कभी गंगादास और मुरारी के घर जाते थे।
 
Sometimes he would play with the children, and sometimes he would go to the house of Ganga Das and Murari.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)