श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 239
 
 
श्लोक  2.8.239 
নিযামক বাপ নাহি, তাতে আছে বাই
এত-দিনে সঙ্গ-দোষে ঠেকিল নিমাঞি”
नियामक बाप नाहि, ताते आछे बाइ
एत-दिने सङ्ग-दोषे ठेकिल निमाञि”
 
 
अनुवाद
"उनके पास मार्गदर्शन करने वाला कोई पिता नहीं है, और वे वात रोगों से पीड़ित हैं। अब निमाई कुसंगति के प्रभाव में आ गए हैं।"
 
"He has no father to guide him, and he suffers from vata diseases. Now Nimai has fallen under the influence of bad company."
तात्पर्य
नियामक शब्द का अर्थ है "एक मार्गदर्शक" या "एक निदेशक।"

"निमाई का कोई मार्गदर्शक पिता या अभिभावक नहीं है। इसके अलावा, वह गैस्ट्रिक विकारों से पीड़ित है। इसलिए कुछ बुरे तत्वों ने उसे अन्यायपूर्ण कार्य करने के लिए प्रेरित किया है।"

बाई शब्द (वायु से व्युत्पन्न) का अर्थ है "गैस्ट्रिक विकार," "पागलपन," या "उन्माद।"

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)