श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 238
 
 
श्लोक  2.8.238 
কেহ বলে,—“হেন বুঝি পূর্বের সṁস্কার”
কেহ বলে,—“সঙ্গ-দোষ হৈল তাহার
केह बले,—“हेन बुझि पूर्वेर सꣳस्कार”
केह बले,—“सङ्ग-दोष हैल ताहार
 
 
अनुवाद
किसी ने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनके पिछले कार्यों के कारण है।” किसी और ने कहा, “यह बुरी संगति के कारण है।”
 
Someone said, “I think it's because of his past actions.” Someone else said, “It's because of bad company.”
तात्पर्य
किसी ने कहा, "क्योंकि निमाई पंडित खराब संगति से प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने आम लोगों की नज़रों से छिपकर पापी गतिविधियों में संलग्न होने के लिए दरवाजा बंद कर लिया है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)