श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 237
 
 
श्लोक  2.8.237 
কেহ বলে,—“ভাল ছিল নিমাই পণ্ডিত
তার কেন নারাযণ কৈল হেন চিত”
केह बले,—“भाल छिल निमाइ पण्डित
तार केन नारायण कैल हेन चित”
 
 
अनुवाद
एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "पहले निमाई पंडित एक अच्छे व्यक्ति थे। भगवान नारायण ने उनका हृदय इस प्रकार क्यों बदल दिया?"
 
Another person said, "Earlier Nimai Pandit was a good man. Why did Lord Narayana change his heart like this?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)