श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 236
 
 
श्लोक  2.8.236 
কেহ বলে,—“আরে ভাই! মদিরা
আনিযাসবে রাত্রি করিঽ খায লোক লুকাইযা”
केह बले,—“आरे भाइ! मदिरा
आनियासबे रात्रि करिऽ खाय लोक लुकाइया”
 
 
अनुवाद
एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “हे भाइयों, ये लोग शराब लाते हैं और रात में दूसरों को दिखाई न देते हुए पीते हैं।
 
Another person said, “O brothers, these people bring liquor and drink it at night without being visible to others.
तात्पर्य
कुछ लोगों ने सोचा कि दरवाज़ा इसलिए बंद था कि अंदर रहने वाले लोग रात में शराब लाकर पीना चाहते थे ताकि आम लोगों की नज़रों से बच सकें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)