| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 2: मध्य-खण्ड » अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन » श्लोक 231 |
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| | | | श्लोक 2.8.231  | সহস্র সহস্র লোক কলরব করে
“কীর্তন দেখিব,—ঝাট ঘুচাহ দুযারে” | सहस्र सहस्र लोक कलरव करे
“कीर्तन देखिब,—झाट घुचाह दुयारे” | | | | | | अनुवाद | | हजारों लोगों ने जोर से चिल्लाकर कहा, “जल्दी से दरवाजा खोलो, हम कीर्तन देखना चाहते हैं।” | | | | Thousands of people shouted loudly, “Open the door quickly, we want to see the kirtan.” | | ✨ ai-generated | | |
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