श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 230
 
 
श्लोक  2.8.230 
ধাইযা আইসে লোক কীর্তন শুনিযা
প্রবেশিতে নারে লোক, দ্বারে রহে গিযা
धाइया आइसे लोक कीर्तन शुनिया
प्रवेशिते नारे लोक, द्वारे रहे गिया
 
 
अनुवाद
ज़ोरदार कीर्तन सुनकर लोग दौड़े आए, लेकिन अंदर न जा पाने के कारण वे द्वार पर ही खड़े रहे।
 
Hearing the loud kirtan, people came running, but as they could not go inside, they stood at the door.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)