vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
»
श्लोक 223
श्लोक
2.8.223
কখনো বা মত্ত যেন টুলিঽ টুলিঽ যায
হাসিযা দোলায অঙ্গ আনন্দ সদায
कखनो वा मत्त येन टुलिऽ टुलिऽ याय
हासिया दोलाय अङ्ग आनन्द सदाय
अनुवाद
कभी-कभी वे इस प्रकार मदहोश हो जाते थे कि शराबी की तरह लड़खड़ाते थे, और कभी-कभी वे हंसते हुए आगे-पीछे डोलते थे।
Sometimes he became so intoxicated that he staggered like a drunkard, and sometimes he swayed back and forth laughing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×