"तुमने मेरे विश्वासपात्र नित्यानंद को समझ लिया है। इसलिए मैं तुम पर अत्यंत प्रसन्न हूँ और तुम्हें वरदान देना चाहता हूँ। यदि लक्ष्मीजी भी घर-घर जाकर भिक्षा माँगें, तो भी तुम्हें कभी दरिद्रता नहीं होगी। तुम्हारे घर के सभी लोग, यहाँ तक कि कुत्ते-बिल्लियाँ भी, मुझमें अटूट भक्ति रखेंगे।"
"You have understood my confidant, Nityananda. Therefore, I am extremely pleased with you and wish to grant you a boon. Even if Goddess Lakshmi goes from door to door begging, you will never face poverty. Everyone in your household, even the dogs and cats, will have unwavering devotion to me."
तात्पर्य
"नित्यानंद प्रभु पूरे तौर पर मेरे (गौरसुंदर) संरक्षण में हैं। क्योंकि (श्रीवास) तुम यह जानते हो, इसलिए मेरे संतुष्टि की कोई सीमा नहीं है। अगर भाग्य की देवी, लक्ष्मीदेवी, जो नारायण के सीने पर निवास करती है, छह संपदाओं की स्वामी, अपनी संपदाओं से हीन हो जाती है और गरीबी के कारण दरवाजे-दरवाजे भीख मांगती है, तो भी नारायणी के प्रभाव से, तुम कभी भी इस तरह की स्थिति का अनुभव नहीं करोगे जैसे 'जरूरत है'। भगवान की भक्ति सेवा के लक्षण तुम्हारे अंदर इस तरह से प्रकट हैं कि अविश्वासी की दुनियावी जरूरतों की चिंता तुम्हें कभी परेशान नहीं करेंगी। इसलिए भले ही लक्ष्मीदेवी, जो समृद्धि और धन प्रदान करती है, को कभी जरूरत का अनुभव हो, तुम किसी भी तरह की जरूरत का अनुभव नहीं करोगे। भगवान के प्रति तुम्हारी सेवा की प्रवृत्ति इतनी मजबूत है कि तुम्हारे और तुम्हारे रिश्तेदारों के बारे में क्या कहने भर से, तुम्हारे घर में बिल्ली और कुत्ते जैसे पालतू जानवर भी मेरे लिए पूर्णत: भक्ति करेंगे।" महान संत आलाबंदारू ने कहा, "यदि भगवान की इच्छा से मुझे इस भौतिक संसार में फिर से जन्म लेना पड़े, तो मुझे एक भक्त के घर में कुत्ते, बिल्ली या कीट के रूप में जन्म लेकर भक्तों की संगति करने दो।" राजा कुलाशेखर ने कहा, "अगर मुझे जन्म के बाद जन्म उन लोगों के साथ जुड़ने का अवसर मिले जो भगवान की भक्ति सेवा में पूरी तरह लगे हुए हैं, तो मैं मुक्ति भी स्वीकार नहीं करूंगा।" भगवान के भक्तों की संगति का प्रभाव यह है कि अगर निम्न योनि वाले जीवों को भी इस तरह की संगति का जरा सा भी हिस्सा मिलता है, तो भगवान की सेवा के प्रति उनका झुकाव जागृत हो जाता है। एक वैष्णव ने गाया है: "वैष्णव के घर में अगर मैं भी कुत्ता बन जाऊँ, तो उस ने प्रसाद देके मुझे भी तार लेता।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥