श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  2.8.188 
মৃদঙ্গ-মন্দিরা বাজে শঙ্খ-করতাল
সঙ্কীর্তন-সঙ্গে সব হৈল মিশাল
मृदङ्ग-मन्दिरा बाजे शङ्ख-करताल
सङ्कीर्तन-सङ्गे सब हैल मिशाल
 
 
अनुवाद
मृदंग, शंख, करतल ध्वनि उनके पवित्र नामों के सामूहिक जप के साथ मिल गई।
 
The sound of drums, conches and clapping mingled with the collective chanting of His holy names.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)