श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 186
 
 
श्लोक  2.8.186 
প্রভুর আনন্দ দেখিঽ ভাগবত-গণ
অন্যোন্যে গলা ধরিঽ করযে ক্রন্দন
प्रभुर आनन्द देखिऽ भागवत-गण
अन्योन्ये गला धरिऽ करये क्रन्दन
 
 
अनुवाद
भगवान के आनंद को देखकर भक्तगण एक दूसरे के गले लगकर रोने लगे।
 
Seeing the joy of God, the devotees hugged each other and started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)