श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 184
 
 
श्लोक  2.8.184 
পূর্বে যে বৈষ্ণব দেখিঽ ঽপ্রভুঽ করিঽ বলে
“এ বেটা আমার দাস”, ধরে তার চুলে
पूर्वे ये वैष्णव देखिऽ ऽप्रभुऽ करिऽ बले
“ए बेटा आमार दास”, धरे तार चुले
 
 
अनुवाद
पहले, जब भी भगवान किसी वैष्णव को देखते थे, तो उसे "प्रभु" कहकर संबोधित करते थे, लेकिन अब वे उनके बाल पकड़ लेते थे और घोषणा करते थे, "यह व्यक्ति मेरा सेवक है।"
 
Earlier, whenever the Lord saw a Vaishnava, he would address him as "Prabhu," but now He would grab his hair and declare, "This person is my servant."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)