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श्लोक 2.8.177  |
ক্ষণে ধ্যান করিঽ করে মুরলীর ছন্দ
সাক্ষাত্ দেখিযে যেন বৃন্দাবন-চন্দ্র |
क्षणे ध्यान करिऽ करे मुरलीर छन्द
साक्षात् देखिये येन वृन्दावन-चन्द्र |
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| अनुवाद |
| कभी-कभी वे ध्यान में लीन हो जाते और बांसुरी बजाते। तब वे बिल्कुल वृंदावन के चंद्रदेव, कृष्ण के समान प्रतीत होते। |
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| Sometimes he would go into meditation and play the flute. Then he would appear exactly like Krishna, the moon god of Vrindavan. |
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