श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 171
 
 
श्लोक  2.8.171 
ভাবাবেশে চঞ্চল হৈযা বিশ্বম্ভর
নাচেন বিহ্বল হঞা নাহি পরাপর
भावावेशे चञ्चल हैया विश्वम्भर
नाचेन विह्वल हञा नाहि परापर
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर आनंद में व्याकुल हो गए और स्वयं तथा दूसरों को भूलकर नाचने लगे।
 
Vishwambhar became overwhelmed with joy and started dancing, forgetting himself and others.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)