श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 167
 
 
श्लोक  2.8.167 
কখনো বা মধুর নাচযে বিশ্বম্ভর
যেন দেখি নন্দের নন্দন নটবর
कखनो वा मधुर नाचये विश्वम्भर
येन देखि नन्देर नन्दन नटवर
 
 
अनुवाद
कभी-कभी विश्वम्भर इतना मधुर नृत्य करते थे कि वह नन्द के पुत्र के मनमोहक नृत्य जैसा प्रतीत होता था।
 
Sometimes Visvambhara danced so sweetly that it resembled the captivating dance of Nanda's son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)