कभी-कभी उनके शरीर की गर्मी भड़कती आग के समान हो जाती थी, क्यों कि जैसे ही उनके शरीर पर चन्दन का लेप किया जाता, वह सूख जाता था।मलयज शब्द मलय पर्वत से लाये गए चंदन के लिए है।