श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 148
 
 
श्लोक  2.8.148 
সে ক্রন্দন দেখিঽ হেন কোন্ কাষ্ঠ আছে
না পডে বিহ্বল হৈযা সে প্রভুর কাছে
से क्रन्दन देखिऽ हेन कोन् काष्ठ आछे
ना पडे विह्वल हैया से प्रभुर काछे
 
 
अनुवाद
केवल वही व्यक्ति जिसका हृदय लकड़ी का बना है, प्रभु को रोते हुए देखकर विचलित होकर भूमि पर नहीं गिरेगा।
 
Only a person whose heart is made of wood will not be distraught and fall to the ground after seeing the Lord weeping.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)