श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 145
 
 
श्लोक  2.8.145 
শুনহ চল্লিশ পদ প্রভুর কীর্তন
যে বিকারে নাচে প্রভু জগত-জীবন
शुनह चल्लिश पद प्रभुर कीर्तन
ये विकारे नाचे प्रभु जगत-जीवन
 
 
अनुवाद
अब अगले चालीस श्लोक सुनो, जिनमें बताया गया है कि किस प्रकार भगवान, जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के प्राण और आत्मा हैं, कीर्तन के दौरान आनंद में नाचते थे।
 
Now listen to the next forty verses, which describe how the Lord, who is the life and soul of the entire universe, danced in joy during kirtan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)