श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 144
 
 
श्लोक  2.8.144 
গদাধর-আদি যত সজল নযনে
আনন্দে বিহ্বল হৈল প্রভুর কীর্তনে
गदाधर-आदि यत सजल नयने
आनन्दे विह्वल हैल प्रभुर कीर्तने
 
 
अनुवाद
भगवान के कीर्तन में आनंदित होकर गदाधर सहित भक्तों की आंखें आँसुओं से भर आईं।
 
The eyes of the devotees including Gadhdhar filled with tears as they delighted in the Lord's kirtan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)