श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 143
 
 
श्लोक  2.8.143 
ধরিযা বুলেন নিত্যানন্দ মহাবলী
অলক্ষিতে অদ্বৈত লযেন পদ-ধুলি
धरिया बुलेन नित्यानन्द महाबली
अलक्षिते अद्वैत लयेन पद-धुलि
 
 
अनुवाद
जैसे ही शक्तिशाली नित्यानंद ने भगवान को पकड़ लिया, अद्वैत ने चुपके से भगवान के चरणों की धूल ले ली।
 
As the powerful Nityananda caught hold of the Lord, Advaita secretly took the dust from the Lord's feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)