श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 142
 
 
श्लोक  2.8.142 
লৈযা গোবিন্দ ঘোষ আর কত-জন
গৌরচন্দ্র-নৃত্য সবে করেন কীর্তন
लैया गोविन्द घोष आर कत-जन
गौरचन्द्र-नृत्य सबे करेन कीर्तन
 
 
अनुवाद
एक अन्य समूह का नेतृत्व गोविंद घोष कर रहे थे। सभी भक्त गौरचंद्र के नृत्य के दौरान जयकारे लगा रहे थे।
 
Another group was led by Govinda Ghosh. All the devotees were cheering during Gaurachandra's dance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)