श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 139
 
 
श्लोक  2.8.139 
পুণ্যবন্ত শ্রীবাস-অঙ্গনে শুভারম্ভ
উঠিল কীর্তন-ধ্বনি ঽগোপাল গোবিন্দঽ
पुण्यवन्त श्रीवास-अङ्गने शुभारम्भ
उठिल कीर्तन-ध्वनि ऽगोपाल गोविन्दऽ
 
 
अनुवाद
गोपाल और गोविंद के नाम कीर्तन का शुभारम्भ श्रीवास के परम पवित्र प्रांगण में हुआ।
 
The kirtan in the name of Gopal and Govind was started in the most sacred courtyard of Shrivas.
तात्पर्य
श्रीवास का आँगन कई धर्म भरी गतिविधियों की शरण है, क्योंकि गोविंद और गोपाल का नाम-स्मरण यहीँ शुरू हुआ था।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)