श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  2.8.137 
যে-মতে করেন নৃত্য প্রভু গৌরচন্দ্র
তে-মতে সে মহানন্দে গায ভক্ত-বৃন্দ
ये-मते करेन नृत्य प्रभु गौरचन्द्र
ते-मते से महानन्दे गाय भक्त-वृन्द
 
 
अनुवाद
भगवान गौरचन्द्र आनंद में नृत्य कर रहे थे, भक्तगण आनंद में गीत गा रहे थे।
 
Lord Gaurachandra was dancing in joy, the devotees were singing songs in joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)