श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  2.8.136 
চিত্ত দিযাশুন ভাই প্রভুর বিকার
অনন্ত ব্রহ্মাণ্ডে সম নাহিক যাহার
चित्त दियाशुन भाइ प्रभुर विकार
अनन्त ब्रह्माण्डे सम नाहिक याहार
 
 
अनुवाद
हे भाइयो, कृपया भगवान के आनंदमय प्रेम के रूपांतरणों के बारे में ध्यानपूर्वक सुनें, जो असंख्य ब्रह्माण्डों में अद्वितीय हैं।
 
O brothers, please listen attentively to the transformations of the Lord's blissful love, which are unique in the countless universes.
तात्पर्य
महाप्रभु के अगाध प्रेम का परिवर्तन चौदहों लोकों के किसी भी भक्त के अगाध प्रेम के परिवर्तनों से तुलना नहीं की जा सकती। यह समझा जाना चाहिए कि जो ठग लोगों को धोखा देने के लिए भगवान के अगाध प्रेम के परिवर्तनों की नकल करते हैं, वे ईश्वर के प्रेम से रहित होते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)