श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.8.13 
ঈষত্ হাসিযা বলে শ্রীবাস পণ্ডিত
“আমারে পরীক্ষঽ প্রভু, এ নহে উচিত
ईषत् हासिया बले श्रीवास पण्डित
“आमारे परीक्षऽ प्रभु, ए नहे उचित
 
 
अनुवाद
श्रीवास पंडित मुस्कुराये और बोले, “हे प्रभु, आपको मेरी परीक्षा लेना उचित नहीं है।
 
Srivasa Pandit smiled and said, “O Lord, it is not right for you to test me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)