श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 125
 
 
श्लोक  2.8.125 
সে কোমল-শরীরে আছাড বড দেখিঽ
ঽগোবিন্দঽ স্মরযে আই মুদিঽ দুই আঙ্খি
से कोमल-शरीरे आछाड बड देखिऽ
ऽगोविन्दऽ स्मरये आइ मुदिऽ दुइ आङ्खि
 
 
अनुवाद
जब माता शची ने भगवान के कोमल शरीर को बलपूर्वक भूमि पर गिरते देखा, तो उन्होंने अपनी आँखें बंद कर लीं और गोविंद का स्मरण किया।
 
When Mother Shachi saw the Lord's soft body falling forcefully to the ground, she closed her eyes and remembered Govinda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)