"बारह घंटे बीत गए, पर हम सो नहीं पाए। हमें तो बस 'बोल! बोल!' की ऊँची ध्वनि सुनाई दे रही है।" इस प्रकार नास्तिक क्रोधित होकर बोले, जबकि श्री शचीनंदन आनंदपूर्वक कीर्तन में मग्न थे।
"Twelve hours have passed, but we haven't been able to sleep. All we hear is a loud cry of 'Speak! Speak!'" Thus spoke the atheist angrily, while Sri Sachinandan was happily absorbed in kirtan.
तात्पर्य
रात की अवधि चार पहर या बारह घंटे होती है। भक्त जीवों के अज्ञान में लीन होकर रात भर हरि के नाम का जाप करके निरंतर अवरोध पैदा करते रहे। क्योंकि उनकी नींद खराब हो गई थी, इसलिए वे चिढ़ गए। लेकिन श्री शची नंदन आनंदमय कीर्तन में मस्त रहे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥