श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  2.8.119 
শুনিযা পাষণ্ডী-সব মরযে বল্গিয
নিশায এ-গুলা খায মদিরা আনিযা
शुनिया पाषण्डी-सब मरये बल्गिय
निशाय ए-गुला खाय मदिरा आनिया
 
 
अनुवाद
वह आवाज सुनकर नास्तिक लोग क्रोध से उछल पड़े और बोले, “ये लोग रात में शराब पीते हैं।
 
Hearing that voice, the atheists jumped up in anger and said, “These people drink alcohol at night.
तात्पर्य
भगवत्-सेवा से विमुख रहने वाले लोगों में नास्तिकता प्रबल रहती है। ऐसे लोग भक्तों को कहते हैं कि तुम लोग शराब के नशे में रात्रि में व्यर्थ चिल्लाते हो। बल्गिया का अर्थ है-क्रोध से फड़कना।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)