श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  2.8.106 
প্রভু বলে,—“ভাই-সব, শুন মন্ত্র-সার
রাত্রি কেনে মিথ্যা যায আমা সবাকার
प्रभु बले,—“भाइ-सब, शुन मन्त्र-सार
रात्रि केने मिथ्या याय आमा सबाकार
 
 
अनुवाद
प्रभु ने कहा, "हे भाइयो, सब उपदेशों का सार सुनो। हम क्यों व्यर्थ ही अपनी रातें नष्ट कर रहे हैं?"
 
The Lord said, "Brothers, listen to the essence of all the teachings. Why are we wasting our nights in vain?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)