श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 105
 
 
श्लोक  2.8.105 
জয পাইঽ উঠে কৃষ্ণ-ভক্তির প্রকাশ
ঈশ্বর সহিত সর্ব-দাসের বিলাস
जय पाइऽ उठे कृष्ण-भक्तिर प्रकाश
ईश्वर सहित सर्व-दासेर विलास
 
 
अनुवाद
जैसे ही भगवान की महिमा का प्रकाश हुआ, कृष्ण की भक्ति प्रकट हुई। इस प्रकार भगवान ने अपने सेवकों के साथ लीला का आनंद लिया।
 
As the Lord's glory shone forth, devotion to Krishna manifested. Thus the Lord enjoyed pastimes with His servants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)