श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  2.8.102 
সেই তঽ গাইল গীত নিরপরাধে
গৌরচন্দ্র আরোহণ কৈলা তার কান্ধে
सेइ तऽ गाइल गीत निरपराधे
गौरचन्द्र आरोहण कैला तार कान्धे
 
 
अनुवाद
चूँकि उस गायक ने बिना किसी अपमान के गाया था, इसलिए गौरचन्द्र उसके कंधों पर चढ़ गये।
 
Since the singer had sung without any insult, Gaurchandra climbed on his shoulders.
तात्पर्य
गायक के बिना किसी अपराध के भगवान शिव के यश का जप करने के फलस्वरूप, गौरासुंदर उसके कंधे पर चढ़ गए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)