vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 8: भगवान की आभूषण का प्रकटन
»
श्लोक 1
श्लोक
2.8.1
জয জয শ্রী-গৌরসুন্দর সর্ব-প্রাণ
জয নিত্যানন্দ-অদ্বৈতের প্রেম-ধাম
जय जय श्री-गौरसुन्दर सर्व-प्राण
जय नित्यानन्द-अद्वैतेर प्रेम-धाम
अनुवाद
सबके जीवन और आत्मा श्री गौरसुन्दर की जय हो! नित्यानंद और अद्वैत प्रेम के धाम की जय हो!
Hail to Sri Gaurasundara, the life and soul of all! Hail to the abode of eternal bliss and non-dual love!
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×