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श्लोक 2.8.1  |
জয জয শ্রী-গৌরসুন্দর সর্ব-প্রাণ
জয নিত্যানন্দ-অদ্বৈতের প্রেম-ধাম |
जय जय श्री-गौरसुन्दर सर्व-प्राण
जय नित्यानन्द-अद्वैतेर प्रेम-धाम |
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| अनुवाद |
| सबके जीवन और आत्मा श्री गौरसुन्दर की जय हो! नित्यानंद और अद्वैत प्रेम के धाम की जय हो! |
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| Hail to Sri Gaurasundara, the life and soul of all! Hail to the abode of eternal bliss and non-dual love! |
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