श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  2.7.98 
এ-মত বৈষ্ণব কিবা আছে ত্রিভুবনে
ত্রিলোক পবিত্র হয ভক্তি-দরশনে
ए-मत वैष्णव किबा आछे त्रिभुवने
त्रिलोक पवित्र हय भक्ति-दरशने
 
 
अनुवाद
"क्या तीनों लोकों में उनके समान कोई दूसरा वैष्णव है? वास्तव में, उनकी भक्ति देखकर तीनों लोक पवित्र हो जाते हैं।
 
"Is there any other Vaishnava like him in the three worlds? Indeed, by seeing his devotion, the three worlds become pure.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)