श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  2.7.91 
সেবক-সকল যে করিল সম্বরণ
সকল রহিল সেই ব্যবহার-ধন
सेवक-सकल ये करिल सम्वरण
सकल रहिल सेइ व्यवहार-धन
 
 
अनुवाद
उसके सभी सेवकों ने उसे शांत किया और जो कुछ बचा था उसे वापस पाने की कोशिश की।
 
All his servants tried to calm him down and get back what was left of him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)