श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  2.7.90 
বস্ত্র, শয্যা, ঝারি, বাটীসকল সম্ভার
পদাঘাতে সব গেল কিছু নাহি আর
वस्त्र, शय्या, झारि, बाटीसकल सम्भार
पदाघाते सब गेल किछु नाहि आर
 
 
अनुवाद
कपड़े, बिस्तर, पानी के बर्तन, कटोरे और बाकी सारा सामान उसके पैरों की ठोकरों से चकनाचूर हो गया। एक भी चीज़ नहीं बची।
 
Clothes, bedding, water pots, bowls, and everything else were crushed under his feet. Not a single thing was left untouched.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)