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श्लोक 2.7.89  |
হেন সে হৈল কম্প ভাবের বিকারে
দশ জনে ধরিলে ও ধরিতে না পারে |
हेन से हैल कम्प भावेर विकारे
दश जने धरिले ओ धरिते ना पारे |
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| अनुवाद |
| वह प्रेम के उन्माद में इतनी जोर से कांप रहा था कि दस आदमी भी उसे थामे नहीं रह सके। |
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| He was shaking so hard in the frenzy of love that even ten men could not hold him. |
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