vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन
»
श्लोक 83
श्लोक
2.7.83
কোথা গেল দিব্য বাটা, দিব্য গুযা পান
কোথা গেল ঝারি, যাতে করে জল-পান
कोथा गेल दिव्य बाटा, दिव्य गुया पान
कोथा गेल झारि, याते करे जल-पान
अनुवाद
उस आलीशान तवे और अच्छी तरह से तैयार किए गए तवे का क्या हुआ? पीने के पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी के बर्तनों का क्या हुआ?
What happened to that luxurious skillet and the well-crafted pan? What happened to the water pots used for drinking water?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×