वे अपने हाथों से चावल नहीं खाते थे, इसलिए मालिनी ने उन्हें अपने पुत्र की तरह भोजन कराया।
He did not eat rice with his hands, so Malini fed him like her own son.
तात्पर्य
ठीक जैसे छोटे बच्चों की माँ अपने बच्चों को जरूरी खाना खिलाती है क्योंकि वो अपने हाथों से नहीं खा सकते, इसी तरह श्रीवासा की पत्नी, मालिनी, जो वाछल्य के भाव में डूबी थी, नित्यानंद को भी अपने हाथों से खिलाती थी।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥