श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  2.7.73 
মুকুন্দ সুস্বর বড কৃষ্ণের গাযন
পডিলেন শ্লোক—ভক্তি-মহিমা-বর্ণন
मुकुन्द सुस्वर बड कृष्णेर गायन
पडिलेन श्लोक—भक्ति-महिमा-वर्णन
 
 
अनुवाद
तब मुकुन्द, जो कृष्ण की महिमा का मधुर गान करते थे, भक्ति की महिमा से युक्त कुछ श्लोक सुनाने लगे।
 
Then Mukunda, who used to sing sweetly the glories of Krishna, began reciting some verses glorifying devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)