उसके बारे में सुनकर गदाधर को उस पर पूरा विश्वास हो गया था, लेकिन अब जब उसने उसे देखा तो उसका विश्वास उठ गया।
After hearing about him, Gadhdhar had full faith in him, but now when he saw him, his faith was lost.
तात्पर्य
गदाधर पंडित गोस्वामी का मानना था कि भौतिक सुखों से पूरी तरह दूर रहना और सख्त ब्रह्मचर्य बनाए रखना धार्मिक सिद्धांत हैं। लेकिन पुंडरीक विद्यानिधि की भोग-विलास की वस्तुओं को देखने पर, उन्होंने सोचा कि पुंडरीक विष्णु की भक्ति से रहित, एक स्थूल भौतिकवादी और भोग-विलासी हैं। जब उन्होंने मुकुंद से पुंडरीक विद्यानिधि की श्रेष्ठ स्थिति के बारे में सुना, तो उन्होंने सोचा कि पुंडरीक सभी बाहरी भौतिक सुखों का त्याग कर देंगे। लेकिन अब, इसके विपरीत देखने पर, उनका पहले से अर्जित विश्वास कम हो गया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥