श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  2.7.67 
দেখিযা বিষযি-রূপ দেব গদাধর
সন্দেহ বিশেষ কিছু জন্মিল অন্তর
देखिया विषयि-रूप देव गदाधर
सन्देह विशेष किछु जन्मिल अन्तर
 
 
अनुवाद
उनके भौतिक रूप को देखकर श्री गदाधर के हृदय में कुछ संदेह उत्पन्न हुआ।
 
Seeing his physical form, some doubt arose in the heart of Sri Gadadhara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)