श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  2.7.65 
ভক্তির প্রভাবে দেহ—মদন-সমান
যে না চিনে, তার হয রাজ-পুত্র-জ্ঞান
भक्तिर प्रभावे देह—मदन-समान
ये ना चिने, तार हय राज-पुत्र-ज्ञान
 
 
अनुवाद
भक्ति के प्रभाव से उनका शरीर कामदेव के समान प्रतीत होने लगा था। जो उन्हें नहीं जानता था, वह उन्हें राजकुमार ही समझता था।
 
Due to his devotion, his body resembled that of Cupid. Those who did not know him thought he was a prince.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)