श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.7.60 
বড ঝারি, ছোট ঝারি গুটি পাঞ্চ সাত
দিব্য-পিতলের বাটা, পাকা পান তাত
बड झारि, छोट झारि गुटि पाञ्च सात
दिव्य-पितलेर बाटा, पाका पान तात
 
 
अनुवाद
वहाँ पाँच-सात बड़े-छोटे मटके रखे थे। एक भव्य पीतल का बर्तन भी था जिसमें पहले से तैयार बर्तन भरा हुआ था।
 
There were five or seven large and small pots placed there. There was also a large brass vessel filled with pre-prepared dishes.
तात्पर्य
झारी शब्द का अर्थ "पानी का बर्तन" या "एक टोंटी वाला घड़ा" है। पितलेरा बाटा वाक्यांश पान रखने के लिए एक बर्तन को संदर्भित करता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)