श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  2.7.59 
তহিঙ্ দিব্য-শয্যা শোভে অতি সূক্ষ্ম-বাসে
পট্ট-নেত-বালিশ শোভযে চারি পাশে
तहिङ् दिव्य-शय्या शोभे अति सूक्ष्म-वासे
पट्ट-नेत-बालिश शोभये चारि पाशे
 
 
अनुवाद
उसके बगल में एक भव्य बिस्तर था जो बढ़िया रेशमी कपड़े से ढका हुआ था और जिसके चारों ओर तकिये लगे हुए थे।
 
Next to it was a grand bed covered in fine silk and surrounded by pillows.
तात्पर्य
प्रसंग पट्टनैता का अर्थ है "रेशम का कपड़ा"। सामान्य भाषा में नैता का अर्थ है "एक लत्ता" या "कपड़े का एक टुकड़ा"। शब्द बालिश का अर्थ है "तकिए"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)