|
| |
| |
श्लोक 2.7.59  |
তহিঙ্ দিব্য-শয্যা শোভে অতি সূক্ষ্ম-বাসে
পট্ট-নেত-বালিশ শোভযে চারি পাশে |
तहिङ् दिव्य-शय्या शोभे अति सूक्ष्म-वासे
पट्ट-नेत-बालिश शोभये चारि पाशे |
| |
| |
| अनुवाद |
| उसके बगल में एक भव्य बिस्तर था जो बढ़िया रेशमी कपड़े से ढका हुआ था और जिसके चारों ओर तकिये लगे हुए थे। |
| |
| Next to it was a grand bed covered in fine silk and surrounded by pillows. |
| ✨ ai-generated |
| |
|