वह पीतल के आर्मरेस्ट से सजे एक भव्य लाल रंग के सोफे पर बैठा था। उसके सिर के ऊपर तीन भव्य छतरियाँ थीं।
He sat on a magnificent red sofa with brass armrests, and above his head were three magnificent umbrellas.
तात्पर्य
वाक्यांश दिव्य-खट्टा एक खूबसूरत उभरे हुए सोफे को संदर्भित करता है। शब्द हिंगुला एक ऐसे पेंट को संदर्भित करता है जो एक विशेष खनिज और पारे के मिश्रण से बनाया जाता है। शब्द पिताला का अर्थ "पीतल से बना" होता है। शब्द चंड्रताप का अर्थ "चंदवा" होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥