श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.7.49 
বসিযা আছেন বিদ্যানিধি মহাশয
সম্মুখে হৈল গদাধরের বিজয
वसिया आछेन विद्यानिधि महाशय
सम्मुखे हैल गदाधरेर विजय
 
 
अनुवाद
विद्यानिधि महाशय अपने घर में बैठे थे, तभी गदाधर उनके सामने आ पहुंचे।
 
Vidyanidhi sir was sitting in his house, when Gadhdhar appeared before him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)