श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  2.7.45 
যথাকার যে বার্তা, কহেন আসি’ সব
“আজি এথা আইলা এক অদ্ভুত বৈষ্ণব
यथाकार ये वार्ता, कहेन आसि’ सब
“आजि एथा आइला एक अद्भुत वैष्णव
 
 
अनुवाद
मुकुंद जो भी समाचार सुनते, गदाधर को सुनाते। एक दिन उन्होंने कहा, "आज एक अद्भुत वैष्णव आए हैं।
 
Mukunda would tell Gadadhara whatever news he heard. One day he said, "A wonderful Vaishnava has arrived today.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)