vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन
»
श्लोक 45
श्लोक
2.7.45
যথাকার যে বার্তা, কহেন আসি’ সব
“আজি এথা আইলা এক অদ্ভুত বৈষ্ণব
यथाकार ये वार्ता, कहेन आसि’ सब
“आजि एथा आइला एक अद्भुत वैष्णव
अनुवाद
मुकुंद जो भी समाचार सुनते, गदाधर को सुनाते। एक दिन उन्होंने कहा, "आज एक अद्भुत वैष्णव आए हैं।
Mukunda would tell Gadadhara whatever news he heard. One day he said, "A wonderful Vaishnava has arrived today.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×